बुधवार, 28 अप्रैल 2010

आज का विचार -३ (२८/४/१०)

आप के पास किसी की
निंदा करने वाला,
किसी के पास तुम्हारी
निंदा करने वाला होगा।


अमित जैन

मंगलवार, 27 अप्रैल 2010

आज का विचार -२ (२७/४/१०)

जो दुःख आने से पहले ही
दुःख मानता है;
वह आवश्यकता से ज्यादा
दुःख उठाता है।

सोमवार, 26 अप्रैल 2010

आज का विचार -१


ग़लती कर देना
मामूली बात है
पर उसे स्वीकार कर लेना
बड़ी बात है।

शोले ?



गब्बर: आज मैंने बसंती को नहाते हुए देखा।
वीरू: कुत्ते, मैं तेरा खून पी जाऊंगा।
गब्बर: नाराज मत हो, मैं नहा रहा था और बसंती जा रही थी।

लड़की पटाने का शेर -नंबर 14

करनी है खुदा से गुजारिश तेरे प्यार  के सिवा कोई बंदगी न मिले,
हर जनम में मिले प्यार तेरा  

या फिर कभी जिंदगी ही न मिले।

वक्त की शायरी


हर खुशी है लोगों के दामन में,
पर एक हँसी के लिए वक़्त नही.
दिन रात दौड़ती दुनिया में,
ज़िंदगी के लिए ही वक़्त नही.

मया की लॉरी का एहसास तो है,
पर मया को मया कहने का वक़्त नही.
सारे रिश्तों को तो हम मार चुके,
अब उन्हे दफ़नाने का भी वक़्त नही.

सारे नाम मोबाइल में हैं,
पर दोस्ती के लाइ वक़्त नही.
गैरों की क्या बात करें,
जब अपनो के लिए ही वक़्त नही.

आँखों मे है नींद बड़ी,
पर सोने का वक़्त नही.
दिल है घामों से भरा हुआ,
पर रोने का भी वक़्त नही.

पैसों की दौड़ मे ऐसे दौड़े,
की थकने का भी वक़्त नही.
पराए एहससों की क्या कद्र करें,
जब अपने सपनो के लिए ही वक़्त नही.

तू ही बता ए ज़िंदगी,
इश्स ज़िंदगी का क्या होगा,
की हर पल मरने वालों को,
जीने के लिए भी वक़्त नही.......


शुक्रवार, 23 अप्रैल 2010

अगर गर्मी लगे तो .........

बंटा सिंह - अगर तुम्हे गर्मी लगे तो क्या करते हो तांता सिंह जी 
तांता  सिंह - यार जब मै a c  के पास जा कर बैठ जाता हू 
बंटा  सिंह - और अगर तुम्हे जब भी गर्मी लगे तो क्या करते हो तांता सिंह जी 
तांता  सिंह -यार जब मै ac on  कर लेता हू 

गुरुवार, 22 अप्रैल 2010

आओ दम आलू कश्मीरी पकाए

क्यों  न आज खाने में भी २ -२ हाथ हो जाये .....:)
दम  आलू कश्मीरी
सामग्री:
180 ग्राम छोटे उबले हुए आलू, 50 ग्राम तेल, 1 टी स्पून बडी इलायची, 2 दालचीनी के टुकडे, 1 टी स्पून, हरी इलायची पाउडर, 2 साबुत लाल मिर्च, 50 ग्राम टोमैटो प्यूरी, 1 टी स्पून सौंफ पाउडर, 10 ग्राम देगी मिर्च पाउडर, 1 टी स्पून धनिया पाउडर, 20 ग्राम दही, 1 टेबल स्पून लहसुन का पेस्ट, स्वादानुसार नमक।
विधि:
1. आलू को धोकर नमक मिले पानी में 80 प्रतिशत गलने तक पकाएं। फिर सुनहरा तल लें।
2. एक पैन में तेल डालकर गर्म करें और लाल मिर्च, दालचीनी, लहसुन का पेस्ट, नमक और अन्य सभी मसाले डालकर भूनें।
3. टोमैटो प्यूरी डालकर चिकनाई छूटने तक पकाएं।
4. तले हुए आलू डालकर 5 मिनट तक दोबारा पकाएं।
5. सौंफ का पाउडर छिडककर गरमागरम सर्व करें।

बुधवार, 21 अप्रैल 2010

एक भाई की बहन के लिए -- दिल की बात

बहुत याद आता है "दीदी" तुम्हारा मुझे "भाई" कहके बुलाना
वो मद्धम सा मुस्कुराना और वो झूठ-मूठ का गुस्सा दिखाना,
समझना मेरी हर बात को और मुझे हर बात समझाना,
वो लड़ना तेरा मुझसे और फिर प्यार जताना
बहुत याद आता है "दीदी" तुम्हारा मुझे "भाई" कहके बुलाना,

वो शाम ढले करना बातें मुझसे और अपनी हर बात मुझे बताना,
सुनके मेरी बेवकूफियां तुम्हारा ज़ोर से हंस जाना,
मेरी हर गलती पे लगाना डांट और फिर उस डांट के बाद मुझे प्यार से समझाना,
कोई और न होगा तुमसे प्यारा मुझे यह आज मैंने है जाना,

वो राखी और भाई-दूज पे तुम्हारा टीका लगाना,
कुमकुम मैं डूबी ऊँगली से मेरा माथा सजाना,
खिलाना मुझे मिठाई प्यार से और दिल से दुआ दे जाना,
बाँध के धागा कलाई पे मेरी अपने प्यार को जताना,

कभी बन जाना माँ मेरी और कभी दोस्त बन जाना,
देना नसीहतें मुझे और हिदायतें दोहराना,
जब छाये गम का अँधेरा तोः खुशी की किरण बनके आना,
हाँ तुम्ही से तोः सिखा है मैंने गम मैं मुस्कुराना,

कहता है मन मेरा रहके दूर तुमसे मुझे अब एक लम्हा भी नही बिताना,
अब बस "गुड्डू" को तोः है अपनी "परी दीदी" के पास है जाना,
हैं बहुत से एहसास दिल मैं समाये पता नही अब इन्हे कैसे है समझाना,
बस जान लो इतना "दीदी" बहुत याद आता है तुम्हारा "भाई" कहके बुलाना,

प्यार से --------

पोंछ कर अश्क अपनी आँखों से मुस्कुअराओ तो कोई बात बने,
सर झुकाने से कुछ नहीं होगा सर उठाओ तो कोई बात बने"

गीला कागज -8


गीले काग़ज़ की तरह है ज़िंदगी अपनी,
कोई लिखता भी नही कोई जलता भी नही.
इस कदर अकेले हो गये है हम आजकल,
कोई सताता भी नही कोई मानता भी नही.

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एक अकाली लड़की के मन की व्यथा

अपना भविष्य,
अपना वर्तमान,
अपनी दिक्कतें,
अपने ग़म,
अपनी तकलीफें,
अपने लिए सुने हुए ताने,
कसे हुऐ फिकरे, 
घूरती हुयी ढेरों आँखें, 
कचोटती निगाहें
शरीर की कमजोरी,
खून और माहवारी की दुश्वारियाँ,
घर वालों की उम्मीदें...
.उफ़ मार डालेंगी ये सब चीजें,
ये पहाड़ सा भार, 
समाज और परिवार 
न  जाने और क्या क्या  सोचतीहै  एक  तनहा लड़की

सोमवार, 19 अप्रैल 2010

आत्महत्या के कारण जो शोक पैदा होता है - क्या आप उसे जानते है ? -1


पने किसी निकट सम्बंधी को खोने से अत्यधिक दुख और शोक होता है। आत्महत्या के जरिए किसी की मृत्यु होने पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं एव भावनाएं व्यक्त की जाती हैं। आत्महत्या का शोक लम्बे समय तक रहता है। सदमा, सामाजिक अलगाव एवं अपराध-बोध की भावना अक्सर अधिक होती है तथा किसी भी विकल्प के बारे में सोचने से दर्दनाक प्रश्न उभरकर सामने आते हैं।
आप निम्न मे से कुछ अथवा सभी बातों का अनुभ कर सकते हैं:

गहरा सदमा

इस प्रकार की मृत्यु के परिणामस्वरूप सदमे और अविश्वास की भावना बहुत गहरी हो सकती है। इस शोक का एक सामान्य पहलू यह है कि मौत की छवि बार-बार दिमाग में आती है, चाहे आपने इसे अपनी आंखों से न भी देखा हो। लाश को देखना एक और दर्दनाक एवं दिमाग से न मिटने वाली घटना हो सकती है। मौत की इन अत्यधिक डरावनी एवं दर्दनाक छवियों का बार-बार दिमाग में उतरना तथा इनसे उत्पन्न भावनाएं एक स्वाभाविक बात होती है।

मन में प्रश्न उठना - क्यों?

आत्महत्या के जरिए शोक में व्यक्ति अक्सर लम्बे समय तक इस दुखद घटना के स्पष्टीकरण ही ढूंढता रहता है। कई लोग अंततः इस बात को स्वीकार कर लेते हैं कि वे यह कभी नहीं जान पाएंगे कि ऐसा क्यों हुआ। स्पष्टीकरणों को ढूंढने के दौरान उसी परिवार के विभिन्न सदस्यों के इस बारे में अलग-अलग विचार होते हैं कि यह मौत क्यों हुई। यह परिवार के सम्बंधों पर एक बोझ बन सकता है, विशेष रूप से जहां किसी पर दोष लगाने की बात शामिल हो।

मन में प्रश्न उठना - क्या इसे रोका जा सकता था?

यह सामान्य बात है कि दिमाग में प्रश्न उठता रहता है कि अपने प्रियजन की मौत को कैसे रोका जा सकता था और उसके जीवन को कैसे बचाया जा सकता था। अतीत में जाएं तो यह लगता है कि सब कुछ संभव हो सकता था। 'यदि ऐसा करते तो यह नहीं होता'जैसी बातों का कोई अंत नज़र नहीं आता हैं। जो कुछ भी हुआ है, उन घटनाओं को दोहराना इस शोक से उबरने का एक स्वाभाविक और आवश्यक तरीका होता है। इस संबंध में हुए अनुसंधान से पता चला है कि आत्महत्या के कारण शोकसंतप्त लोग, किसी अन्य तरीके से शोकसंपप्त लोगों की तुलना में अधिक अपराध-बोध महसूस करते हैं, स्वयं को दोषी मानते हैं और स्वयं से प्रश्न करते हैं।

रविवार, 18 अप्रैल 2010

लड़की पटाने के 151 तरीके -तरीका नंबर 16

आओ दोस्तों आज आप को लड़की पटाने के १५१ तरीके (भाग 16) में बताते है की आप किसी भी लड़की को कैसी पर्भावित करे , 
हर friendship day  और  valantine day  पर उन्हें हमेशा  wish  करे , यदि संभव हो और लड़की आप से  gift स्वीकर कर सकती हो तो उन्हें आप कोई प्यारा सा  gift  जरूर दे

शनिवार, 17 अप्रैल 2010

आत्महत्या-३


आत्महत्या के चेतावनी संकेत
आत्महत्या का निर्णय अक्सर एक क्षण में नहीं लिया जाता है। लोगों द्वारा आत्महत्या करने से कई दिन और कई घंटे पहले सामान्यतः इस बात के संकेत एवं चेतावानी चिन्ह दिखाई देने लगते हैं।

सबसे प्रबल और व्यथित कर देने वाले संकेत 'शाब्दिक' होते हैं -
''मैं अब और आगे नहीं खींच सकता हूं,
''मेरे लिए अब कुछ भी मायने नहीं रखता है'' या फिर
''मैं सब कुछ समाप्त करने की सोच रहा हूं''।
ऐसी टिप्पणियों को सदैव गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

अन्य सामान्य चेतावनी संकेतों में हैं:

*
अवसादग्रस्त होना या मिलनसार न रह जाना
*
लापरवाही से व्यवहार करना
*
चीजों के क्रम से रखना और बहुमूल्य संपत्ति का त्याग करना
*
व्यवहार, स्वभाव और हाव-भाव में बडा परिवर्तन दिखाई देना
*
नशीले पदार्थों एवं मदिरापान का दुरुपयोग करना
*
एक बहुत बडी हानि उठाना अथवा जीवन में परिवर्तन आना

निम्नलिखित सूची में ऐसे कुछ और उदाहरण दिए गए हैं और ये सभी उस बात के संकेतहो सकते हैं कि व्यक्ति आत्महत्या करने की सोच रहा है। निस्संदेह, अधिकतर मामलों में ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति आत्महत्या नहीं करता है। किंतु, आमतौर पर, व्यक्ति ऐसे जितने अधिक संकेत देता है, उसके द्वारा आत्महत्या करने का खतरा उतना ही अधिक बढ़ जाता है।
परिस्थितियां

*
आत्महत्या एवं हिंसा का पारिवारिक इतिहास
*
यौन एवं शारीरिक दुर्व्यवहार
*
परिवार के किसी सदस्य या निकट मित्र की मृत्यु
*
तलाक या संबंध-विच्छेद, संबंध समाप्त होना
*
शैक्षिक क्षेत्र में असफलता, निकट भविष्य में होने वाली परीक्षाएं, परीक्षा परिणाम
*
नौकरी छूटना, नौकरी में समस्याएं
*
निकट भविष्य में कानूनी मामला चलना
*
हाल ही में कारावास या निकट भविष्य में जेल से छूना

व्यवहार

*
चिल्लाकर रोना
*
लडना
*
कानून तोडना
*
मनमौजीपन
*
आत्म-अंगच्छेदन
*
मृत्यु एवं आत्महत्या के बारे में लिखना
*
पूर्व में भी आत्महत्या जैसा आचरण
*
उग्र व्यवहार
*
व्यवहार में परिवर्तन

शारीरिक परिवर्तन

*
ऊर्जा का अभाव
*
निद्रा अनियमितता - बहुत अधिक या बहुत कम सोना
*
भूख न लगना
*
वजन का अचानक बढना या कम होना
*
छोटी बीमारियों में बढोतरी
*
हाव-भाव में अचानक परिवर्तन
*
शारीरिक सज्जा में रुचि समाप्त होना

विचार एवं भावनाएं

*
आत्महत्या के विचार
*
अकेलापन - परिवार एवं मित्रों से सहायता न मिलना
*
तिरस्कार, हीन भावना से ग्रस्त होना
*
गहरी उदासी अथवा स्वयं को दोषी महसूस करना
*
एक तंग दायरे से बाहर निकलकर देखने में असमर्थ होना
*
दिन में स्वप्न देखना
*
व्याकुलता एवं दबाव
*
असहाय अनुभव करना
*
आत्म-सम्मान खो देना

गुरुवार, 15 अप्रैल 2010

एक लड़की के दिल से -2



बेवफा है वो ज़माने भर का,
फिर भी अच्छा है ज़माने भर से......

लड़की पटाने का शेर -नंबर 13




तेरी राह में सूरज बनके जल जाएँगे
तेरी राह में दिया बनके पिघल जाएँगे
है तेरी राह में कोई और तो बता दे
तेरी राहोंसे धुआँ बनकर उड़ जाएँगे

अमित की शायरी -4



दिल को अगर मानना होता आसान
ना करता किसी को  यूँ यह परेशान
तन्हा ना रहता भारी महफ़िल में
ना होती वो हालत जो हो ना बयान


अमित की शायरी -3



उलफत ना सही नफ़रत ही सही

हम ये दर्द गवारा कर लेंगे

एक याद तुम्हारी दिल मे लिए

  जीने का सहारा कर लेंगे

अमित की शायरी -



आती है याद तुम्हारी
रोता है दिल हमारा
गिरते है आँसू हमारे
आता है नाम तुम्हारा

अमित जैन का शेर



कुछ अजीब फास्लो का जन्म हो रहा है.........
नसीब मेरा जागकर भी सो रहा है..........
कैसे कह दू टूटा दिल धड़कता नही..............
जबकि आज दिल का हर टुकड़ा रो रहा है..............
देखते देखते तू मेरी ज़िंदगी बन गयी......
फिर ना जाने कैसे मेरी बंदगी बन गयी.......
 ओ हमसफर   तू मुझे यु मझधार में छोड....
जाने क्यो बेवफा बन गयी.....

आप आत्महत्या की मनःस्थिति वाले मित्र अथवा सम्बंधी की मदद कसे करे ?


शांत रहें और उसकी बात सुनें !


हमारे लिए यही बेहतर होगा कि शांत रहकर उसकी बात सुनें। जो लोग आत्महत्या करने के बारे में सोचते हैं उन्हें जवाब या समाधान नहीं चाहिए। वे अपने भय और चिंताएं व्यक्त करने के लिए  एक सुरक्षित स्थान चाहते हैं, जहां उनकी बात सुनी जाए। 

सुनना       -वास्तव में सुनना-        आसान नहीं है।      हमें कुछ कहने-टिप्पणी करने, कहानी जोड़ने अथवा सलाह देने - की उत्कण्ठा पर काबू पाना चाहिए।          हमें केवल उन तथ्यों को ही नहीं सुनना हैजो वह व्यक्ति बता रहा है, बल्कि उनके पीछे छिपी भावनाओं को भी समझना है।           हमें उनके दृष्टिकोण से चीजों को देखना है न कि अपने दृष्टिकोण से।

यदि आप आत्महत्या मनःस्थिति वाले व्यक्ति की मदद कर रहे हैं, तो यहां याद रखने योग्य कुछ बातें बतायी गई हैं।
आत्महत्या की मनःस्थिति वाले व्यक्ति क्या चाहते हैं?

*
बात सुनने वाला कोई व्यक्ति। ऐसा कोई व्यक्ति जो उनकी बात वास्तव में सुनने के लिए समय निकालेगा। ऐसा कोई व्यक्ति जो निर्णय, सलाह अथवा राय नहीं देगा, बल्कि अपना पूरा ध्यान देगा।
*
विश्वास करने योग्य कोई व्यक्ति। ऐसा कोई व्यक्ति जो उनका सम्मान करेगा और उन पर हावी होने की कोशिश नहीं करेगा। ऐसा कोई व्यक्ति जो हर बात को गुप्त रखेगा।
*
ध्यान रखने वाला कोई व्यक्ति। ऐसा कोई व्यक्ति जो स्वयं उपलब्ध रहेगा, व्यक्ति को मानसिक शांति देगा और ठंडे दिल से बोलेगा। ऐसा कोई व्यक्ति जो पुनःभरोसा दिलाएगा, उसकी बात स्वीकार करेगा और उस पर विश्वास करेगा। ऐसा व्यक्ति, जो कहेगा, "मैं परवाह करता हूँ।"

आत्महत्या की मनःस्थिति वाले व्यक्ति क्या नहीं चाहते हैं?

*
अकेला रहना। तिरस्कार से समस्या दस गुना बिगड़ सकती है। वह चाहता है कि ऐसा कोई व्यक्ति हो जो उसकी समस्या को बदल दे। केवल उसकी बात सुने।
*
सलाह प्राप्त करना। भाषणबाजी से कोई मदद नहीं मिलती है। न ही " खुश रहो " का सुझाव देने से, अथवा एक ऐसे सरल आश्वासन से कि "सब ठीक हो जाएगा।" कोई विश्लेषण, तुलना, वर्गीकरण अथवा आलोचना न करें। केवल उसकी बात सुनें।
*
प्रश्न करना। विषय को बदले नहीं, न तो दया दिखाए अथवा न ही कोई कृपा करें। भावनाओं के बारे में बात करना कठिन होता है। आत्महत्या की मनःस्थिति वाले लोग नहीं चाहते कि जल्दबाजी की जाए अथवा उनका बचाव किया जाए। केवल उनकी बात सुनी जाए।

जब किसी व्यक्ति के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं ?


हम सभी लोग अपना जीवन समाप्त करने की शक्ति लेकर पैदा होते हैं। प्रत्येक वर्ष, लाखों लोग आत्महत्या का मार्ग चुनते हैं। यहां तक कि ऐसे समाज में भी लोग आत्महत्या करते हैं जहां आत्महत्या को अवैध या वर्जित घोषित किया गया है।

जिन लोगों के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं, उन्हें कोई और उपाय नहीं सूझता है। उस समय मौत ही उनकी दुनिया के दायरे में घूमती दिखाई देती है और उनके आत्महत्या के विचार इतने प्रबल होते हैं, कि उन्हें कम करके नहीं आंका जाना चाहिए - वे वास्तविक, मज़बूत और तात्कालिक होते हैं। इनका कोई चमत्कारिक उपाय नहीं होता है।
किंतु यह भी सत्य है कि:

* आत्महत्या अक्सर एक अस्थायी समस्या का स्थायी समाधान होता है।
* जब हम अवसादग्रस्त होते हैं, तो हम चीजों को वर्तमान क्षण के संकुचित परिप्रेक्ष्य में देखते हैं। एक सप्ताह अथवा एक माह के बाद यही चीजें भिन्न रूप में दिखाई दे सकती हैं।
* ऐसे अधिकतर लोग जिस समय आत्महत्या करने की सोचते हैं, उसके कुछ समय बाद जीवित रहने की इच्छा रखते हैं। उनका कहना होता है कि वे मरना नहीं चाहते - वे केवल अपनी पीड़ा को मारना चाहते हैं।

सबसे महत्त्वपूर्ण उपाय यह है कि किसी व्यक्ति से बात की जाए। जिन लोगों के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं, उन्हें अकेले ही स्थिति का सामना करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्हें अभी सहायता प्राप्त करनी चाहिए।

* परिवार अथवा मित्रों से बात कीजिए। अपने परिवार के किसी सदस्य या मित्र अथवा किसी सहयोगी से बात भर कर लेने से आपको बहुत राहत मिल सकती है।
 
*
डॉक्टर से बात कीजिए। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से हीन भावना से ग्रस्त है अथवा आत्महत्या करने की सोच रहा है तो वह एक मानसिक बीमारी से ग्रस्त है। रासायनिक असंतुलन के कारण इस प्रकार की चिकित्सकीय परिस्थिति उत्पन्न होती है और दवाइयों और अथवा चिकित्सा पद्धति के माध्यम से डॉक्टरों द्वारा सामान्यतः इसका उपचार किया जा सकता है। 

   जब किसी के मन में आत्महत्या के विचार आते हैं तो उसे अपनी भावनाओं के बारे में तुरंत बात करनी चाहिए।

अरे हाथी ने ये क्या किया ?

लड़की पटाने के 151 तरीके -तरीका नंबर 15

आज आप को बताते है लड़की को पटाने का तरीका नंबर 15-
अगर  आप के पास मोबाइल है और उस लड़की के पास भी मोबाइल है (जिसे आप पटना चाहते है ) तो अक्सर उन्हें मजेदार sms ,love sms , jokes  भेजते रहे ,ऐसा करने सेआप उस लड़की की यादो में बने रहे गे 
अब जब यादो में बने रहोगे जभी तो प्यार होगा

सोमवार, 12 अप्रैल 2010

अगर लड़की लड़के को पसंद न करे, तो क्या करे ?

आज एक बहुत ही मासूम सा सवाल किसी ने मुझ से पुछा की आप सिर्फ लड़की पटाने के तरीके बताते हो या किसी लड़की को पटने से बचने के भी तरीके बताते हो 
ये सवाल दिल को छु गया , की अब तक इस बारे में क्यों नहीं सोचा गया , क्या किसी लड़की का कोई मन नहीं होता , क्या कोई लड़की सिर्फ इस लिए किसी लडके को पसंद कर लेगी क्यों की मै ,उन लडको को मानव व्यवहार में कुछ बातों को बता रहा हू जो किसी के भी दिल को छु ले ,, 
तो आज से शुरू करते है वो बाते जिनसे कोई भी लड़की अपने को किसी भी लडके से कह कर प्रेम निवेदन से बच सकती है 



हर लड़की तेरे लिए बेकरार है ,
हर लड़की को तेरा इंतजार है ,
ये तेरा कोई कमाल नहीं मुंडया , 
कुछ दिनों बाद राखी का जो त्यौहार है .................. 

रूठी महबूबा के नाम दिल से एक पाती




अपनी हर इक साँस तेरी गुलाम  कर रखी है,
लोगो मे ये ज़िंदगी बदनाम कर रखी है,
आईना भी नही अब तो किसी काम का...
हमने तो अपनी परछाई भी सनम तेरे नाम कर रखी है

लड़की पटाने के 151 तरीके -तरीका नंबर 14

लड़की पटाने के लिए आप को अपना अहंकार छोडना होगा दोस्त क्योकि जब तक ये गुण आप के पास है तब तक आप सभी दुर्गुणों के मालिक माने  जाते रहोगे , और इतने बड़े मालिक से कोई लड़की तो क्या कोई आंटी भी बात नहीं करेगी 
तो फिर चलिए लड़की पटाने के १५१ तरीको में से १४ नंबर के तरीके का खुलासा करते है - आप जब भी अपनी मनपसंद लड़की से मिले तो उन्हें हेलो कहना , या हाथ मिलाना न भूले इस तरीके से एक अपना पन बढ़ता जाता है

रविवार, 11 अप्रैल 2010

लड़की पटाने के 151 तरीके -तरीका नंबर 13

अगर आप एक ही क्लास में पढ़ते है तो लड़की की पढाई  में या नोट्स बनाने में उन की सहायता करते रहे , इस से आप उन के और भी करीब आ जायेगे , और करीब आना प्यार की पहली मंजिल है

गीला कागज -7


तेरे लफ़्ज़ों मे तीर तलवार आज भी है,
घायल हुए लाखो  पर ज़िंदा हज़ार आज भी है,
लोग कहते है एक पत्थर दिल से किया है मैने प्यार,
इस बात का मुझे इकरार आज भी है.....

गुरुवार, 8 अप्रैल 2010

हम जिस के ना हो सके -उस की कलम से


दर्द-ए-दिल की कहानी भी वो खूब लिखता है
कहीं पर बेवफा तो कहीं मुझे महबूब लिखता है
 कुछ तो रस्म-ए-वफ़ा निभा रहा है वो
हर एक साफ-ए-कहानी मे वो मुझे मजमून लिखता है
लफ़ज़ो की जुस्तजू  मेरे संग बीते लम्हो से लेता है
सियाही मेरे अश्क को बनाकर वो हर लम्हा लिखता है
कशिश क्यों ना हो उसकी दास्तान-ए-दर्द मे यारो
जब भी ज़िक्र खुद कॅया आता है वो खुद को वफ़ा लिखता है
तहरीरें झूठ की सजाई है आज उसने अपने चेहरे पर
खुद को दर्द की मिसाल और कहीं मजबूर लिखता है वो

गीला कागज -6


दिल ने प्यार सीखा पर ना सीखा इज़हार
दिल ने ऐतबार सीखा पर ना सीखा इनकार
दिल ने मुस्कुराना सीखा और किया सब कुछ स्वीकार
दिल ने हर बार कुछ सीखा पर ना मिला उसे उसका प्यार

गीला कागज-6

गम की वजह ...........आशिकी थी 
वो  ही पहली मोहब्बत आखरी थी

गीला कागज -5





उसको सोचा तो हर एक सोच में खुश्बू उतरी
उसको लिखा तो हर एक लफ्ज़ महकते देखा

मंगलवार, 6 अप्रैल 2010

तम्मना



तमन्ना ने ज़िंदगी के आँचल में सर रखकर पूछा की में पूरी कब होंगी,
ज़िंदगी ने हंसकर जवाब दिया जो पूरी हो जाए वो तमन्ना ही क्या.........!

अपनी पुरानी प्रेमिका को पटाए , उसे ये सुनाये


यादों से रिश्ता कल भी था,यादों से रिश्ता आज भी है
दिल कल भी अपना दुख़्ता था,दिल मुरझाया सा आज भी है

तुम दूर हुए मजबूरी में,हम टूट गये इस दूरी में
कभी वक़्त मिले तू लौट आना,ये दिल का दरवाजा खुला आज भी है

तुम खुश रूहो आबाद रूहो, दिल अपना तू बर्बाद हुआ
गम दिल का सहारा कल भी था,और गम का मारा आज भी है

यह अश्क नही हैं आँखों में,ये तारे झिलमिल करते हैं
इन आँखों में जो कल तक था,वोही चाँद सा चेहरा आज भी है

अब शिकवा किसी से क्या करना,तक़दीर में जो लिखा था मिला
गम कल भी मेरा सरमाया था,गम मेरा विरसा आज भी है 











आप  के लिए सिर्फ , लकिन इस का दुरूपयोग मत करना दोस्तों , किसी को दुखो के सागर में मत  डूबाना

गीला कागज-4


  शायद फिरसे वो मिलने की तकदीर मिल जाए
जीवन का सबसे हसीन वो पल मिल जाए
  कल फिरसे बनाए सागर पे वो रेत का मकान
  शायद वापिस अपना बचपन मिल जाए ..................................


गीला कागज -३


जब तन्हाई मे आपकी याद आती है,
होंठो पे एक ही फरियाद आती है…
खुदा आपको हर खुशी दे,
क्योंकि आज भी हमारी हर खुशी आपके बाद आती है..

गीला कागज -२


जब खामोश आँखो से बात होती है
ऐसे ही मोहब्बत की शुरुवात होती है
तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं
पता नही कब दिन कब रात होती है

गीला कागज


गीले काग़ज़ की तरह है ज़िंदगी अपनी
कोई लिखता भी नही कोई जलता भी नही.

इस कदर अकेले हो गये है हम आजकल
कोई सताता भी नही कोई मानता भी नही.

  सूखे  पतों की तरह है ज़िंदगी अपनी
कोई रंगों की महफिल बना भी नही

सुबह आती है एक शाम के बाद
कोई आपना बनके दिल में सजाता  भी नही ...................

मैं तेरा खून पी जाऊंगा!'

दो कुत्ते पहली  बार फिल्म  देखने गए।
सिनेमाहाल में धर्मेंद्र की फिल्म लगी थी।
फिल्म शुरु हो चुकी थी।
पहले कुत्ते ने अपने दोस्त को टिकट देकर हाल में जाने को कहा।
वह खुद भी हॉल की तरफ बढ़ा तभी दूसरा कुत्ता वापस भागता हुआ नजर आया।
'क्या हुआ?' पहला  कुत्ता भौंका।
'अरे यार, जल्दी से भागो... अभी मैं हाल के भीतर गया था तो वहां से आवाज आ रही थी 'कुत्ते मैं तेरा खून पी जाऊंगा!'

रविवार, 4 अप्रैल 2010

अवांछित ईमेल कैसे ब्लॉक करे ?

आप सभी लोग कभी न कभी इस बात से परेशां जरूर होते होगे की आप के e mail  में कई बार बहुत सारी अवांछित मेल आ जाती है और उन की भीड़ में आप अपने काम की मेल नहीं देख पाते , अब आप उन सभी अनचाहीमेल को ब्लाक कर सकते है
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कभी परिंदों को पढते देखा है ,उन की क्लास देखी है ?

शनिवार, 3 अप्रैल 2010

लड़की पटाने का शेर -नंबर 12


  किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यू है,
जो नही मिल सकता उसी से मोहब्बत क्यू है,
कितने खड़े है राहो पे,
फिर भी दिल को उसी की चाहत क्यू है.

Kisses!
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लड़की पटाने के 151 तरीके -तरीका नंबर 12

लड़की को पटाने में आप का कपडे पहने का तरीका भी शामिल होता है , जब भी आप लड़की से मिले तो बढिया ड्रेस में ही मिले , लड़किया फटे , पुणे , बेतरतीब कपडे  पहने लडको से आकर्षित नहीं होती Easter bunny photo

लड़की पटाने के 151 तरीके -तरीका नंबर 11

लड़किया शायरी पसंद करती है , इसलिए अक्सर उन्हें उनकी खूबसूरती पर कोई न कोई शायरी सुनाते रहे,एस्सा करते रहने से वो आप के प्यार में पागल हो जायेगी  Butterfly watching