रविवार, 11 अप्रैल 2010

गीला कागज -7


तेरे लफ़्ज़ों मे तीर तलवार आज भी है,
घायल हुए लाखो  पर ज़िंदा हज़ार आज भी है,
लोग कहते है एक पत्थर दिल से किया है मैने प्यार,
इस बात का मुझे इकरार आज भी है.....

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