मंगलवार, 6 अप्रैल 2010

अपनी पुरानी प्रेमिका को पटाए , उसे ये सुनाये


यादों से रिश्ता कल भी था,यादों से रिश्ता आज भी है
दिल कल भी अपना दुख़्ता था,दिल मुरझाया सा आज भी है

तुम दूर हुए मजबूरी में,हम टूट गये इस दूरी में
कभी वक़्त मिले तू लौट आना,ये दिल का दरवाजा खुला आज भी है

तुम खुश रूहो आबाद रूहो, दिल अपना तू बर्बाद हुआ
गम दिल का सहारा कल भी था,और गम का मारा आज भी है

यह अश्क नही हैं आँखों में,ये तारे झिलमिल करते हैं
इन आँखों में जो कल तक था,वोही चाँद सा चेहरा आज भी है

अब शिकवा किसी से क्या करना,तक़दीर में जो लिखा था मिला
गम कल भी मेरा सरमाया था,गम मेरा विरसा आज भी है 











आप  के लिए सिर्फ , लकिन इस का दुरूपयोग मत करना दोस्तों , किसी को दुखो के सागर में मत  डूबाना

2 टिप्‍पणियां:

  1. तिनका-तिनका यों जल-जल के धुआं ना बनो मेरे यार
    जरा हमें भी तो बता दो किस तड़प से है जिया बेक़रार

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