शुक्रवार, 7 मई 2010

क्या तुम भी बदला लेना चाहते हो ?

संता पार्क में बैठा हुआ था। तभी अचानक वहां बंता आ जाता है।
बंता (संता से)- तुम यहां क्या कर रहे हो?
संता- बदला ले रहा हूं।
बंता- किससे?
संता- वक्त से, वक्त ने मुझे बर्बाद किया है, अब मैं वक्त बर्बाद कर रहा हूं।

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