बुधवार, 8 सितंबर 2010

मेरी मौत का आखरी पैगाम---------

युवक आखिरी सांसें ले रहा था। उसने अपने छोटे भाई से चिट्ठी लिखवाई और बोला , ' यह खत उमा को दे देना। ' चिट्ठी में लिखा था : ' आखिरी वक्त में भी मुझे तुम्हारी याद आती रही। '
फिर करवट बदलकर बोला : ' इसकी एक कॉपी मोनिका , रजनी , नीरू , कविता , बबिता ,रेशमा , नसरीन , रश्मि , पूजा , सोनू , सखी ,शालू,  मीनू और रोजी को भी भेज देना।

14 टिप्‍पणियां:

  1. वाह जी वाह ,आईटीआई सारी लड़की

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  2. भाई वह क्या बात है ....

    एक बार जरुर पढ़े :-
    (आपके पापा इंतजार कर रहे होंगे ...)
    http://thodamuskurakardekho.blogspot.com/2010/09/blog-post_08.html

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  3. हद है भई...ड्विटर पर काहे नहीं भेज दिया..सब पढ़ लेते. हा हा!

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  4. बेहतरीन पोस्ट लेखन के बधाई !

    आशा है कि अपने सार्थक लेखन से,आप इसी तरह, ब्लाग जगत को समृद्ध करेंगे।

    आपकी पोस्ट की चर्चा ब्लाग4वार्ता पर है-पधारें

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