मंगलवार, 30 नवंबर 2010

संसार का सबसे छोटा और कामयाब परवचन सुना है ?

पुलिस : कहां जा रहा है ?
शराबी : दारू पीने से होने वाले नुकसान पर प्रवचन सुनने !

पुलिस : इतनी रात को कौन प्रवचन देगा ?
शराबी : मेरी बीवी !

सोमवार, 29 नवंबर 2010

"प्रणाम शहिदां नू".

ये लिखा था उस ट्रक के पीछे जिसने कई आदमियों को मारा था,

तुलसीदास ने की साहित्यिक चोरी - रामचरितमानस

क्या आप जानते है की हमारे देश में ही ये संभव है की कोई सिरफिरा प्रोफेसर JNU पढ़ा रहा है ,अगर आप को विश्वाश नहीं तो ये खबर पढ़ लो 
पटना ।। अगर तुलसीदास ने रामचरित मानस आज लिखी होती तो वह साहित्यिक चोरी के मामले में जेल चले गए होते। उनकी रचना और कुछ नहीं बल्कि वाल्

मीकि रामायण की नकल है।

यह बात जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के प्रफेसर तुलसीराम ने दलित साहित्य पर आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में कही। सेमिनार का आयोजन साहित्य अकादमी और पटना यूनिवर्सिटी हिन्दी विभाग ने संयुक्त रूप से किया है।

तुलसीराम ने कहा कि नकल होने के बावजूद तुलसीदास की रामचरित मानस काफी लोकप्रिय हुई। कट्टर हिंदू समाज ने इसे इसलिए लोकप्रिय बनाया क्योंकि इसे लिखने वाले तुलसीदास ब्राह्मण थे जबकि वाल्मीकि के दलित होने की वजह से उनकी रचना को अनदेखा कर दिया गया।
खबर  का लिंक यहाँ है

रविवार, 28 नवंबर 2010

मेट्रो में हुई पिटाई , पत्रकारों को लगी मिर्ची ?



अरे भाई इन जाबाजो को जो लेडिज कोच में अपनी बहादुरीके साथ उन के पल्लू से लिपटने की कोशिश में थे , जब इस नामुराद पुलिस ने उन्हें खीच कर लेडिज कोच से निकला और उन की उन के तरीके से जलील किया ,तो पत्रकार भड़क गए , ऐसा क्यों किया ? 
उन्हें तो प्यार से उतरना था , २०० रुपे की पर्ची आदर के साथ देनी चाहिए थी 

अब  आप लोग क्या कहेगे ,इस पत्रकारिता पर ?