बुधवार, 29 दिसंबर 2010

प्यार सा शेर प्यारी सी लड़की के लिए


अब तो आजा मेरे भोले क़ातिल,
तेरे बिन जीना भी दुश्वार हुआ,

चैन मिलता नही कही भी मुझे,
बाग बान भी आज खार हुआ,

क्या मोहब्बत इसी को कहते है,
एक पल जीना भी दुश्वार हुवा,

चला भी आए तू आज दिल की तड़प मेरी,
अमित का मरना भी दुश्वार हुआ.

गुरुवार, 23 दिसंबर 2010

देल्ही में लखनऊ के नवाब वाजिद अली साह के वंश के आखरी राजकुमार का महल जानते हो कहा है ?

दिल्‍ली के सरदार पटेल मार्ग स्थित रिज में पहाडी पर स्थित है एक महल, जहां जाने की इजाजत किसी को नहीं है । उस महल तक पहुंचने के एक मात्र रास्‍ते पर लगा है लोहे का ग्रिल, जिस पर हल्की-सी आहट होते ही कई कुत्‍ते भौंकना  शुरु कर देते हैं । चारों ओर कंटीली तार के बाड़े से घिरे उस महल के प्रवेश द्वार पर लगे पत्थर पर लिखा है, 'रूलर्स ऑफ अवध: 'प्रिंसेस विलायत महल'...
जी हां, आपको आश्चर्य होगा, लेकिन नवाब वाजिद अली शाह के वंश की आखिरी निशानी अवध के राजकुमार रियाज व राजकुमारी सकीना दशकों से वहां रह रहे हैं । यह उनका एक ऐसा द्वीप है, जहां बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं ।  उनका खाना, पीना, रहना-सब एक रहस्य है...

नवाब वाजिद अली शाह के वंशज हैं रियाज व सकीना
औपनिवेशिक शासक काल का अवध, आज का लखनऊ है । अवध के आखिरी शासक नवाब वाजिद अली शाह काफी रंगीन मिजाज बादशाह थे। उनके हरम में कई रानियां थी, लेकिन उनकी सबसे चहेती रानी का नाम हजरत महल था वाजिद अली शाह को अंग्रेजों ने 1856 में कलकत्‍ता में नज़रबंद कर दिया था । उस दौरान हजरत महल ने लखनऊ की सत्‍ता पाने की काफी कोशिश की थी । उन्होंने अंग्रेजों को अपने नाबालिग बेटे बिरजिस कदर को गद्दी सौंपने को कहा था । हजरत महल के अनुरोध को अंग्रेजों ने ठुकरा दिया था । बिरजिस के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा था । इसलिए हजरत महल अपने बेटे बिरजिस कदर के साथ छिपते-छिपाते नेपाल भाग गई । बाद में वह कभी हिंदुस्‍तान नहीं लौट सकी । मां-बेटे की मौत नेपाल में ही हो गई । वाजिद अली शाह के अन्‍य बेगम व उनके बच्‍चे बच्चे बच गए थे, जिसमें से एक बेटे की शादी बेगम विलायत महल से हुई थी । रियाज व सकीना इसी विलायत महल के बच्‍चे हैं ।

विलायत महल, रियाज और सकीना अपना गुजारा चलाने के लिए विलायत महल के पति सरकारी मुलाजिम बन गए । पति की मौत के बाद विलायत महल ने अंग्रेजों से लखनऊ की रियासत में हिस्‍सेदारी मांगी, लेकिन अंग्रेजों ने उन्‍हें मना कर दिया । सन 1947 में देश आजाद हो गया । आजाद भारत के गृहमंत्री सरदार वल्‍लभ भाई पटेल की कोशिशों से देश की 565 रियासतों का भारत गणराज्‍य में विलय हो गया ।  लेकिन रियासतों के राजा, रानी, नवाब आदि को अंग्रेजी शासन काल की ही तरह पेंशन की सुविधा मिलती रही । बेगम विलायत महल को 500 रुपए प्रति माह पेंशन मिलता था । मालचा महल में रहने वाले राजकुमार रियाज व व राजकुमारी सकीना इसी विलायत महल के बच्चे हैं ।

पेंशन खत्‍म होने पर, नई दिल्‍ली स्‍टेशन पर डाला डेरा
जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनी तो उन्‍होंने सारे राजे-महाराजे की पेंशन सहित सभी तरह की सुविधाएं समाप्‍त कर दीं । जो राजे-महाराजे शक्तिशाली थे वे राजनीति के मैदान में उतर पड़े और जो कमजोर थे उनकी दशा दयनीय हो गई । विलायत महल के दो छोटे बच्‍चे थे और वह मजबूत भी नहीं थी इसलिए उनके साथ संकट उत्‍पन्‍न हो गया । कोई उपाय न देखकर विलायत महल ने सन 1975 में अपने दोनों बच्‍चे रियाज व सकीना सहित , 12 कुत्‍तों और और पांच नौकरों के साथ लखनऊ से दिल्‍ली की ओर रुख किया और यहां के नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन के एक प्‍लेटफॉर्म पर डेरा डाल दिया । बाद में वह अपने कुनबे के साथ प्‍लेटफॉर्म से उठकर वीआईपी वेटिंग लांज पहुंची और वहां कब्‍जा कर लिया ।

विलायत महल अपने कुनबे के साथ नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर करीब नौ वर्ष तक रहीं, जिसमें से लगातार तीन वर्ष धरना देकर अपने अपने अधिकार की मांग करती रहीं । उनके धरने की खबर तत्‍कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कानों तक पहुंची । जिस वर्ष इंदिरा गांधी की हत्‍या हुई उसी वर्ष इंदिरा गांधी विलायत महल व उनके बच्‍चों के हालात का जायजा लेने नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पहुंची ।  इंदिरा गांधी को देखते ही विलायत महल फट पड़ी । किसी तरह उन्‍हें शांत किया गया । इंदिरा गांधी ने उन्‍हें कहीं और रहने के लिए ठिकाना उपलब्‍ध कराने का वचन दिया । विलायत महल की मांग थी कि उन्हें रहने के लिए ऐसी जगह मुहैया कराई जाए, जहां आम आदमी उनकी जिंदगी में ताक-झांक न कर सके । जगह की तलाश खत्म हुई सरदार पटेल मार्ग स्थित सेंट्रल रिज एरिया में ।
सेंट्रल रिज एरिया में मालचा महल स्थित है, जो ऊंची पहाड़ी पर तो स्थित है ही, जंगल से भी घिरा है ।  यह एक अनजान स्‍मारक है, जहां के बारे में आज भी दिल्‍ली के अधिकांश निवासी नहीं जानते हैं । जानकारी के मुताबिक इंदिरा गांधी की मौत के बाद वर्ष 1985 में उनके बेटे व तत्‍कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने विलायत महल को मालचा महल में रहने के लिए स्‍वीकृति पत्र प्रदान किया था, जिसमें उन्हें नवाब वाजिद अली शाह का वंशज बताया गया था ।

मालचा महल और विलायत महल की आत्‍महत्‍या
करीब 700 वर्ष पुराने लाल-भूरे पत्‍थर से निर्मित मालचा महल को फिरोजशाह तुगलक के शिकारगाह के रूप में जाना जाता है । इस महल में 20 दरवाजे हैं, जिसकी वजह से इसे 'बिस्‍तदरी महल'  भी कहा जाता है ।  लेकिन इसके एक भी दरवाजे पर किवाड़ नहीं लगा है । 10 सितंबर 1993 में दोपहर 2.40 बजे बेगम विलायत महल ने आत्‍महत्‍यार कर ली थी। कहा जाता है कि वह अपने जीवन के अकेलेपन से ऊब गई थी और अपने हीरे की अंगूठी को तोड़कर खा लिया था, जिससे उनकी मौत हो गई । मां की मौत के बाद से रियाज व सकीना बिल्‍कुल अकेले हैं ।
वर्तमान में राजकुमार व राजकुमारी की दुनिया
राजकुमार रियाज व राजकुमारी सकीना की उम्र 50 वर्ष से अधिक है । बाहरी दुनिया से दोनों का कोई संपर्क नहीं है । मालचा महल में न तो बिजली कनेशन है और न ही पानी की पाइप लाइन, लेकिन एमटीएनएल का टेलीफोन कनेक्‍शन उन्होंने जरूर ले रखा है । एमटीएनएल के लाइन मैन महेन्द्र के अनुसार, दोनों की दुनिया बड़ी रहस्यमयी है । फोन खराब हो जाए तो फोन को बाड़े के अंदर से ही सरका देते हैं, लेकिन हमें अंदर नहीं आने देते । उनकी हालत खास्‍ता है । ढंग के कपड़े भी उनके शरीर पर नहीं होता, लेकिन राजकुमार के पास रिवाल्‍वर जरूर है । उसके पास एक टूटी साइकिल भी है । वह खुद के लिए राशन लाने और अपने कुत्‍तों के लिए मीट लाने के लिए लुंगी व शर्ट पहने बाहर निकलता है और किसी द्वारा कुछ पूछने की कोशिश करने पर रिवाल्‍वर तान देता है । गेट पर आहट होते ही उसके कुत्‍ते भौंकने लगते हैं । अब तो कुत्‍ते भी शायद एक या दो ही बचे हैं । राजकुमार रियाज की अंग्रेजी बहुत अच्‍छी है । उसने विदेश से पढ़ाई की है ।

आज भी अकड़ बरकरार हैमालचा महल के पास ही अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र(इसरो) का दफ्तर है । इसरो दफ्तर की दीवार के पास और बाड़े के अंदर एक पानी की टंकी लगी है । इसरो से एक पानी की पाइप लाइन निकली है, जो उस टंकी से जुड़ी है । इसरो के एक कर्मचारी ने बताया कि दिन में एक बार टंकी भर देते हैं । राजकुमार बाल्‍टी से उससे पानी निकाल-निकाल कर पानी अंदर ले जाता है । आज भी रियाज की अकड़ पहले वाले राजकुमार की तरह है । वह हिंदी की बजाय फर्राटेदार अंग्रेजी में बात करना पसंद करता है । वह चाहता है कि लोग उससे 'हुजूर' कह कर बोलें और अदब से पेश आएं । राजकुमारी भी अकड़ में रहती है, लेकिन वह कभी बाहर नहीं निकलती ।

मंगलवार, 21 दिसंबर 2010

लड़की पटाने के 151 तरीके - तरीका नंबर 21

 दोस्तों जो भी तरीके लड़की पटाने के आप को इस ब्लॉग में मिल रहे है वो जरा प्यार से इस्तमाल करना , कोई जोर जबरदस्ती प्यार जैसे रिश्ते को एक  मिनट  में तोड़ देती है , और जो प्यार करो तो उसे जिंदगी भर निभाना ,
तो दोस्तों जानते है लड़की पटाने का तरीका नंबर 21 -


अगर आप की होने वाली दोस्त फिल्मो की शोकीन है तो कोशिश कीजिये उस से अक्सर फिल्मो के बारे में ही बात करे , इस से वो आप से अपनी  feeling  बटकर खुश भी होगी और  impress  भी होगी

शनिवार, 18 दिसंबर 2010

भूत की फोटो के लिए कब्रिस्तान में नंगा हुआ

यूएस के मिसिसीपी में एक चर्च के कब्रिस्तान से पुलिस ने पूरी तरह नग्न अवस्था में खड़े राबर्ट हर्स्ट को गिरफ्तार किया है। रॉबर्ट का कहना है कि वह यहा

ं आत्माओं की तस्वीरें लेने की कोशिश कर रहा था।
47 साल के रॉबर्ट का कहना है कि उसने अपने कपड़े सिर्फ इसलिए उतारे थे कि कि आत्माओं को आकर्षित करने का सबसे तरीका है। उसने बताया कि उसका मकसद तो सिर्फ अपनी कमीज उतारना था लेकिन आगे बढ़ते बढ़ते उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए और बेवकूफ बन गया। असल में अधिकारियों ने कब्रिस्तान में जगह जगह सिक्योरिटी के लिए मोशन कैमरे लगाए थे। जिसका मकसद था कि कब्रिस्तान में होने वाली किसी भी अलग तरह की गतिविधियों को कैद करना।

पर्ल रिवर काउंटी के डिप्टी चीफ शेन टकर ने बताया कि इसी कैमरे में रॉबर्ट नग्न अवस्था में कैद हो गया, जिससे सतर्क अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया। हालाकि पूछ ताछ में पता चला कि रॉबर्ट का मकसद कुछ गलत करने का नहीं था। रॉबर्ट को 500 डॉलर जुर्माने के बाद छोड़ दिया गया।

 अब पता चला पागल हमारे देश में ही नहीं सारे जहा में भरे पड़े है ......:)

क्या आप को भी जवान रहने का नुस्खा पता है ?

औरत : तुम्हें हमेशा जवान दिखने का राज पता है ?
लड़की : अपनी त्वचा का ख्याल रखना ...
औरत : नहीं। जवां दिखने के लिए भरपूर नींद लेना , जवां लोगों के साथ घूमना , सही डाइट लेना और हमेशा कम उम्र बताना।

शुक्रवार, 17 दिसंबर 2010

मजेदार sms

संता के पास एक ब्लैंक मेसेज आया। उसने मेसेज भेजने वाले को फोन करके कहा :' तुम्हारा मेसेज पढ़ नहीं पाया। लगता है , तुम्हारे मोबाइल की इंक खत्म हो गई है। फिर से भरवाओ..

गूगल ने मरवाया

संता- यार , भलाई का जमाना ही नहीं है। पड़ोसी का बच्चा गुम हो गया था। मैंने खोजने का मशविरा दिया तो मुझे बहुत मार पड़ी।
बंता- तुमने कहा क्या था !
संता- मैंने कहा था कि गूगल पर सर्च कर लो , शायद मिल जाए।

मंगलवार, 7 दिसंबर 2010

क्या आपके बाथरूम में भगवान है ?

नर्सरी क्लास में छोटे बच्चों से पूछा गया , " भगवान कहां है ?"
एक बच्चे ने हाथ उठा कर कहा , " मुझे पता है!!"
टीचर बोलीं ," अच्छा बताओ।"
बच्चा बोला ," हमारे बाथरूम में..."
हैरान टीचर ने पूछा ," तुम्हें कैसे पता ?"
बच्चा बोला , " रोज सुबह जब पापा उठते हैं तो बाथरूम का दरवाजा पीटते हुए कहते हैं- हे भगवान! तुम अब तक अंदर ही हो!"

शनिवार, 4 दिसंबर 2010

कितने शनिदेव ?

पिछले हफ्ते शिरडी जाना हुआ। हम तीन लोग थे। लौटते वक्त तय किया कि 70 किलोमीटर दूर ही शनिशिंगणापूर है, इसलिए वहां

भी हो आया जाए। यह बेहद प्रसिद्ध मंदिर है। मान्यता है कि यहां शनि की शिला प्रकट हुई थी। इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां घरों में दरवाजे नहीं हैं। हम कुछ तय करते, तब तक एक कैब वाले ने आकर पूछा- शनिशिंगणापूर जाना है? बस 130 रुपये, आने-जाने का 100 रुपया। यहीं छोड़ देंगे। हमने हामी भर दी। कैब में पहले से दो परिवार थे। जैसे ही हम शिरडी से चले, हमारी मुसीबतों का सफर शुरू हो गया। कैब वाला बेहद खराब रास्ते से ले गया। गड्ढों में हिचकोले खाते हम लोगों ने 2 घंटे का सफर साढ़े तीन घंटे में पूरा किया। खराब रास्ते से जाने का कारण पूछा तो ड्राइवर ने बताया कि इन कैब्स पर बैन है।

शनिशिंगणापूर में जैसे ही कैब रुकी, एक युवक धोतियां ले आया और बोला कि इन्हें बांधकर स्नान कर लें। गीले बदन मंदिर में जाएं। हमें बताया गया कि धोती, प्रसाद, नहाने-धोने का कोई पैसा नहीं लगेगा। महिलाएं मंदिर में जा सकती हैं, प्रतिमा के पास नहीं। नहाकर जैसे ही हम गाड़ी के पास लौटे, उसी लड़के ने एक टोकरी आगे बढ़ा दी। इसमें कुछ फूल, काला कपड़ा, चांदी का दिखने वाला सिक्का, शनि यंत्र और शनि की कपड़े की प्रतिमा थी। हमसे 351 रुपये मांगे गए। हमने कम करने को कहा तो उसमें से सिक्का और शनि यंत्र हटाकर 251 रुपये मांगे। कुछ और कम करने को कहा तो जवाब मिला, यहां क्या लेने आए हो? उसकी बदतमीजी से हम सन्न थे। हमने कहा कि हमें नहीं करनी पूजा। इस पर जवाब मिला, नहीं करनी तो धोती खोल दो। हमने धोती लौटानी चाही तो हमसे नहाने के सवा दो सौ रुपये मांग लिए गए।

तब तक 10-15 लड़के वहां आ गए जो हम पर रुपये देने का दबाव बनाने लगे। एक हमारे पास आकर बड़बड़ाया - सही सलामत लौटना है तो रुपये दे दो। मैंने गाड़ी में रखा अपना फोन उठाना चाहा तो उनमें से एक ने अपना फोन आगे बढ़ा दिया और कहा- पुलिस को फोन करना है तो इससे कर ले। बाकी लोगों ने रुपये दे दिए, मैं अड़ा रहा। लग रहा था कि मैं एक लफ्ज भी और बोलूंगा तो वे हम पर अटैक कर देंगे। हमारे कपड़े, पर्स, मोबाइल सब लगभग उनके कब्जे में थे।

हालात की नजाकत समझते हुए हमने तीन लोगों के सौ रुपये दे दिए। मंदिर जाकर फटाफट गाड़ी पर लौटे और कपड़े पहने। वे लोग हर आने वाले को इसी तरह लूट रहे थे। शनिदेव की छवि जो भी हो, लेकिन मुझे वहां साक्षात कई शनि नजर आ रहे थे। दिल्ली लौटते वक्त इत्तफाक से ट्रेन में मेरी मुलाकात अकाउंटेंट गजानन गलगले से हुई जो अहमदनगर जिले के ही निवासी हैं। मुझसे यह किस्सा सुन वह आहत हुए और कहा- आपसे पहले भी यह कई लोगों से सुन चुका हूं। लोगों ने वहां जाना कम कर दिया है। थोड़े से लोग हमारे देवस्थानों को बदनाम कर रहे हैं। मैं चुप था।

ये खबर आज जब से पढ़ी है जब से मन कर रहा है की अपने मन की भड़ास कहा निकालू , 
उन १५ लडको को क्या वह का प्रशासन काबू नहीं कर सकता ,?

गुरुवार, 2 दिसंबर 2010

मुन्नी बदनाम हुई..

इस्लामाबाद।। पाकिस्तान की सांस्कृतिक राजधानी लाहौर में 2 बच्चों की मां मुन्नी आज-कल अपनी छोटी सी दुकान खोलने से हिचक रही है। ऐसी बात
नहीं है कि उनकी दुकान में ग्राहकों का टोटा हो गया है। वह जब भी दुकान खोलती हैं सड़क छाप लड़कों की भीड़ जुट जाती है, जो सलमान खान की फिल्म दबंग के ' मुन्नी बदनाम हुई... ' गीत से उसे छेड़ने-चिढ़ाने का कोई मौका नहीं गंवाते। गौरतलब है कि पाकिस्तान में यह गीत सुपरहिट है।

पहले सिर्फ पड़ोस के टपोरी लड़के थे, जिनसे मुन्नी को निबटना पड़ता था। वे उसके सामने यह गीत गाना नहीं भूलते। फिर लोगों को सलमान खान की फिल्म के इस सुपरहिट गीत की भनक लगी और उनके होठों पर यह गीत चढ़ा। दूध से ले कर बिस्किट की तलब उन्हें सताती और वे उनकी दुकान पहुंच जाते। वहां वह 'मुन्नी बदनाम हुई डार्लिंग तेरे लिए...' के बोल गुनगुनाना नहीं भूलते। बहरहाल, मामला बस लाहौर की इस मुन्नी की नहीं है। पाकिस्तान में मुन्नी एक लोकप्रिय नाम है और कमोबेश सभी को लगता है कि काश यह गीत कभी नहीं लिखा गया होता और अगर लिखा गया तो इस कदर लोकप्रिय नहीं होता।

अगर पाकिस्तान में यह गीत ' मुन्नी बदनाम हुई... ' सुपरहिट हुआ है , तो उसका कारण भी है। माना जाता है कि यह पाकिस्तानी गीत ' लड़का बदनाम हुआ तेरे लिए ...' की नकल है। यह उमर शरीफ के 1992 के एक फिल्म का गाना है।

फिल्म में की रील लाइफ के रूप में मलायका अरोड़ा खान ने लोकप्रियता तो हासिल की है, लेकिन रियल लाइफ की कई मुन्नियां इससे आजिज हैं।
अब  आप का क्या कहना है इस के बारे में , इस खबर का स्रोत्र  यहाँ है

बुधवार, 1 दिसंबर 2010

देल्ही में बारात का बैंड बजाने पुलिस आएगी

अरे क्या कहा चोक गए नहीं जी ये बात सोलह आने सच है , आप को यकीं नहीं होता , तो ये खबर पढ़ लीजिए , फिर तो यकीन आ जायेगा न जी ,

नई दिल्ली ।। अगर आपकी फैमिली में किसी की शादी होने वाली है और आप धूमधाम से बैंड-बाजे के साथ बारात लेकर द

िल्ली की सड़कों पर निकलना चाहते हैं, तो जरा सावधान हो जाइए। कहीं ऐसा न हो कि रास्ते में आपका सामना पुलिस से हो जाए और बारात थाने पहुंच जाए।

दिल्ली पुलिस अब सड़क पर बारात निकालने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने जा रही है। इसके तहत न सिर्फ ऐसे लोगों का चालान काटा जाएगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। दिल्ली पुलिस एक्ट में तो इसका प्रावधान है ही, अदालत ने भी इस बारे में आदेश जारी कर रखा है।

जॉइंट कमिश्नर (ट्रैफिक) सत्येंद गर्ग ने बताया कि राजधानी में ज्यादातर लोग सड़क पर बैंड-बाजे के साथ बारात निकालते हैं और उसकी वजह से कई जगहों पर लंबा जाम लग जाता है। इससे आम लोग तो परेशान होते ही हैं, कई बार एंबुलेंस, पीसीआर वैन और फायर ब्रिगेड जैसे इमर्जेंसी वीइकल भी जाम में फंस जाते हैं। ऐसे में किसी की जान भी जा सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने फैसला किया है कि अब सड़क पर बारात निकालने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि सोमवार की रात सड़क पर निकल रही बारातों की वजह से ही एनएच-8 पर भारी जाम लग गया था और लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। कई लोग दो घंटे तक जाम में फंसे रहे थे। शादी के सीजन में राजधानी के उन इलाकों में ट्रैफिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है जहां बड़ी तादाद में मैरिज हॉल, मैरिज गार्डन या फार्म हाउस हैं। महरौली, कापसहेड़ा, द्वारका लिंक रोड, पंजाबी बाग, अलीपुर, राजौरी गार्डन, नजफगढ़, छतरपुर, आई.पी. एक्सटेंशन सहित कई जगहों पर हर दिन जाम लग रहा है।

इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए बुधवार से पुलिस मुहिम शुरू करने जा रही है। जॉइंट कमिश्नर ने कहा कि इस मुहिम में लोकल पुलिस और ट्रैफिक पुलिस मिलकर एक्शन लेगी। ट्रैफिक पुलिस शादी के आयोजन स्थल के आसपास अवैध तरीके से पार्क की गई गाडि़यों को या तो क्रेन से उठवा लेगी या उनका चालान काटेगी। लोकल पुलिस सड़क पर बरात निकालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
इस  खबर का स्त्रोत्र (कायदा तोड़ा तो पुलिस बजाएगी बारात का बैंड) यहाँ है