बुधवार, 30 मार्च 2011

क्या आप को भी हर पराई औरत अपनी बीवी लगती है ?


  कपिल( ललित से ): यार , मुझे तो हर पराई औरत अपनी बीवी समान लगती है।
  ललित( बौखलाते हुए ): यह क्या कह रहे हो ?
  कपिल     : सच कह रहा हूं यार। कसम से किसी भी औरत के सामने चूं तक करने की भी हिम्मत नहीं होती।

गुरुवार, 17 मार्च 2011

मृत्यु की आहट-एक कविता

जब मौत की आवाज कानो मे धीरे धीरे सुनाई दे 
तब डर न जाने कहा गायब हो जाये 
एक अजीब सा जोश जिंदगी मे न जाने कहा से आ जाये 
टूटते ,बिखरते शरीर मे ना  जाने कहा से वो हिम्मत आये,
कम जो करने थे अब तक उपर वाले के सहारे ,
न जाने उन्हें करने की अपने आप ,
कहा से समझ आ जाये ,
टूटते , ठन्डे पड़ते रिश्तों को भरने  के लिए    ,
मन मस्तिस्क मे न जाने कहा से मगज आ जाये ,
क्या सब के साथ एसा होता है ?
अब तो मेरे सारे काम पुरे हो गये , 
ऐ मौत अब तू आराम से आ जा ,
काश तू पहले ये आहट दे जाती ,
तो जिंदगी मेरी पहले ही बदल जाती .........
                                                             अमित जैन

गुरुवार, 3 मार्च 2011

बसन्ती इन को मत करना - आज का चुटकला

रामू की पत्नी ने फ्राइंग पैन उठाकर रामू के सिर पर दे मारा।
रामू (चिल्लाते हुए)- तुमने मुझे क्यों मारा।
पत्नी- तुम्हारी डायरी में किसी बसंती का नाम लिखा है। कौन है ये बसंती?
रामू- कल मैंने रेस में जिस घोड़ी पर दांव लगाया था। उसका नाम है।
पत्नी- अच्छा आय एम सॉरी!

अगले दिन रामू की बीवी ने फिर मारा।
रामू- अब क्यों मारा?
पत्नी- तुम्हारी घोड़ी का फोन आया है... जाकर उठा लो!!!