रविवार, 10 अप्रैल 2011

बहादुरी की मिसाल

नाना ने कुछ ब़डे हो गए नाती को गुर की बात समझाते हुए कहा- ""बेटा अब कोई काम धन्धा जमा लो, बेकार फिरना अच्छी बात नहीं। जब मैं तुम्हारी उम्र का था तो मैंने दुकान में 50 रूपये की नौकरी की थी। फिर छ: साल बाद उतनी ही ब़डी दुकान बना ली थी।""
नाती से रहा न गया । बोल प़डा- ""नाना जी, अब वे जमाने लद गए। अब वैसी तिक़डम नहीं चलती। हर जगह कायदे के अनुसार हिसाब-किताब रखा जाता है।""

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