शनिवार, 23 जुलाई 2011

नजरिया-2

ईर्ष्या समस्त पापों की जड़ है। दूसरों को ढकेल कर स्वयं सत्तारूढ़ होने की महत्वाकांक्षा व्यक्ति को नीचे गिराती है।

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