गुरुवार, 15 दिसंबर 2011

आज की कविता जो मुझे पसंद आई - लेखिका डॉ अनीता कपूर

आज समुन्दर को,
जाने
क्या ख़याल आया
चाँद से छुप कर
चाँदनी में नहा आया

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें