रविवार, 6 मई 2012

दोस्ती का मजाक मत बनाओ


लड़के और लड़की में सिर्फ दोस्ती संभव नहीं: रिसर्च

आज  ये खबर नवभारत टाइम्स मे पढ़ी ,ओर मन ये सोचने को मजबूर हो गया की क्या सिर्फ ४०० लोगो की राय पूरी दुनिया की राय बन सकती है या इस तरह का बाजारू लेख लिख कर कोई आदमी इस तरह सनसनी फ्लाना चाहता है आप सब इस बारे मे क्या यही विचार रखते है , मतलब की अब हर दोस्ती को नागे तरीके से देखने के लिए हमे मजबूर किया जा रहा है ,मै इस रिसर्च ? को कूड़े मे डालता हु ओर थूकता हु उन घटिया ,बेअकल ,नाकाबिल ओर चु..... किस्म के लोगो पर जो दोस्ती जैसे रिश्ते को अपनी गन्दी सोच से बिस्टर पर ले जाने की सोचते है 

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