रविवार, 9 नवंबर 2014

शायरी अमित जैन की 10/11/14

मोहब्बत मेरी मुझे दगा दे गई
शब्दों में कैसे अपने टूटे जस्बात पिरोये ,
ये मुझे सिखा गई .

शायरी अमित जैन की 10/11/14

जितना पुराना
ठुकराया आशिक ,
उतनी लम्बी शायरी .

शायरी अमित जैन की

नजरो का धोका हुआ हर बार
जिसे हम प्यार समझे ,
वो निकला हर बार इंकार....

शायरी अमित जैन की 10/11/14

अगर हर आसू एक लफ्ज बन जाये ,
हर आशिक की किताब लिखी जाये ...

शायरी -अमित जैन की 10/11/14

बड़े को मिले तकरार
,छोटन को आशीष ,
दुनिया में अगर है सुख से जीना
,दो भाया नवा हर किसी के आगे शीश...:)

अमित जैन की शायरी 10/11/14

सवाल न जवाब
बस आखो से ले लिया हर हिसाब
कितना करते हो प्यार ?
बस आखो ही आखो में हो गई मीठी तकरार...

गुरुवार, 6 नवंबर 2014

how to multiply money

अब आराम से घर पर बैठ कर  इस तरीके से अपने पैसे को बढाओ ....:)

शनिवार, 13 सितंबर 2014

जिन्दगी या जहर

आप की जिन्दगी है ,आप के पास शराब के रूप में जहर भी है ,आपकी मर्जी भी है ,आप इस जहर को पी भी रहे है
तो मै कोन होता हु आपको इस जहर को पीने से रोकने वाला ...:(

जिन्दगी से निराश क्यों हो ?

सोचना ही होगा
जब कोई आत्महत्या करता है तो हम यह मान लेते हैं कि वह जीवन से हार गया होगा इसलिए उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. पर क्या कभी यह सोचा कि जरूर किसी चीज को बहुत चाहा होगा और जीवन में वो ना मिलने पर आत्महत्या की होगी या उस चीज को अपने जीवन का अंतिम लक्ष्य बनाया होगा और उस लक्ष्य की प्राप्ति ना होने पर ऐसा कदम उठाया होगा. “क्या है आत्महत्या” यह प्रश्न बड़ा गंभीर है. वास्तव में किसी व्यक्ति का अंतर्तम से स्वीकार कर लेना कि अब उसे यह जीवन नहीं जीना है और उसके जीवन का अब कोई लक्ष्य नहीं है तब व्यक्ति आत्महत्या जैसा कदम उठाता है.
मन की उलझनें आसानी से नहीं सुलझतीं
आत्महत्या करने से पहले व्यक्ति अपने मन से हजारों बार लड़ता होगा. वह कहता होगा कि ‘सोच उन रिश्तों के बारे में जो तुझे प्यार करते हैं, जो शायद तेरे इस दुनिया से जाने के बाद भी तुझे मरा हुआ नहीं मानेंगे फिर क्यों सोचता है उन लक्ष्यों के बारे में जो तेरे हुए नहीं हैं’. जरा सोचिए उस व्यक्ति की स्थिति आत्महत्या करने से पहले क्या रही होगी? उसने अपने मन से हजारों बार लड़ाई लड़ी होगी और ना जाने कितनी बार मन को समझाया होगा कि शायद आत्महत्या जैसा कदम उठाना गलत है पर फैसला नहीं ले पाया होगा.
“लड़ना होगा खुद से हजारों बार,
तभी जिन्दगी में राहें मिला करती हैं,
अगर हार गया तू तो निराश मत होना,
क्या भला एक हार से जिन्दगी रुका करती है”


बुधवार, 13 अगस्त 2014

शायरी - पगली अमित जैन


शायरी -कशमकश ,अमित जैन

कशमकश  है

रविवार, 20 जुलाई 2014

शायरीshayri - jabani

कभी बना मै नगमा ,कभी बना हु साज
बस तू मेरी जान खुश हो जाये
यही दिल से आती है मेरी आवाज ...

मंगलवार, 8 जुलाई 2014

शायरी SHAYRI

जब दिल में हर पल प्यार गुनगुनाया करता था ,
बस उसे कैसे जताए सोच सोच कर दिन निकल जाया करता था ,
निकल आती थी दिल से कुछ एसी ही शायरिया ,
जिनसे बन्दा लडकिया पटाया करता था ....

शायरी shayri

शनिवार, 5 जुलाई 2014

शायरी


shayriशायरी तन्हाई


शायरी shayri


आज का विचार


आई लव यू


गुरुवार, 3 जुलाई 2014

सोमवार, 30 जून 2014

शनिवार, 21 जून 2014

गुरुवार, 19 जून 2014

शायरी -जिन्दगी जीने का एक अंदाज ये भी है

जिन्दगी जीने का एक अंदाज ये भी है

मंगलवार, 21 जनवरी 2014

शायर shayari

लिखते लिखते मन की उलझने लिख डाली
पर उलझा हुआ मन
फिर भी ना सुलझ पाया

अमित

shayarशायर १९/१/१४ (३)

अपने पराये का भेद
बचपन मे ना सीख पाए
समझा अपना सभी को
अब आके अपने भी पराए पाए
महत्वकांक्षा उनकी पैसो की
जब ना कर पाए पूरी
अपनों ने वो जुल्म ढाए
देख देख गैर भी शर्माए

अमित (दुनिया का सच देखा हमने ,जब ये जाना ,पैसो के लिए मर मिटे ,अपना हो या बेगाना

shayarशायर 19/1/14 (2)

अपनत्व की नींद से जागो मेरे भाई
कही वो अपना अपना कह के
तुझे लूट ना ले
लूट भी लिया तो कोई बात नहीं
कही रह गये खाली जेब
देख वो पहचानने मे भी नखरे करे .....

shayarशायर

अधूरा
अधूरापन
दोनों ही को जब भी मै सोचता हु
देखता हु हर रोज आईने मे ............

अमित

शायर shayr -19/1/14 (1)

मेरी मर्जी ना थी ओ तुने मेरी किस्मत मे लिखा
ओर अब मेरी किस्मत ही मेरी मर्जी हो गई

अमित

जिसने मुझे जलाया - शायरी

जिसने मुझे जलाया
वो भी ऐसे ही जायेगी
जैसी शमा भी जल जाती है
परवाने को जलाने के बाद

अमित