रविवार, 9 नवंबर 2014

शायरी अमित जैन की 10/11/14

मोहब्बत मेरी मुझे दगा दे गई
शब्दों में कैसे अपने टूटे जस्बात पिरोये ,
ये मुझे सिखा गई .

शायरी अमित जैन की 10/11/14

जितना पुराना
ठुकराया आशिक ,
उतनी लम्बी शायरी .

शायरी अमित जैन की

नजरो का धोका हुआ हर बार
जिसे हम प्यार समझे ,
वो निकला हर बार इंकार....

शायरी अमित जैन की 10/11/14

अगर हर आसू एक लफ्ज बन जाये ,
हर आशिक की किताब लिखी जाये ...

शायरी -अमित जैन की 10/11/14

बड़े को मिले तकरार
,छोटन को आशीष ,
दुनिया में अगर है सुख से जीना
,दो भाया नवा हर किसी के आगे शीश...:)

अमित जैन की शायरी 10/11/14

सवाल न जवाब
बस आखो से ले लिया हर हिसाब
कितना करते हो प्यार ?
बस आखो ही आखो में हो गई मीठी तकरार...

गुरुवार, 6 नवंबर 2014

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अब आराम से घर पर बैठ कर  इस तरीके से अपने पैसे को बढाओ ....:)