रविवार, 9 नवंबर 2014

शायरी अमित जैन की 10/11/14

मोहब्बत मेरी मुझे दगा दे गई
शब्दों में कैसे अपने टूटे जस्बात पिरोये ,
ये मुझे सिखा गई .

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